जमशेदपुर, सितम्बर 9 -- जमशेदपुर। पर्युषण महापर्व के दूसरे दिन बिष्टुपुर स्थित कामानी जैन भवन में श्रद्धालुओं ने प्रार्थना, स्वाध्याय, जाप, प्रतिक्रमण एवं विविध तपस्याओं के माध्यम से उत्साहपूर्वक आत्मआराधना की। इस अवसर पर आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी जी महाराज ने अत्यंत रोचक एवं प्रभावशाली शैली में अंतगढ़ सूत्र का परायण कराया और भगवान अरिष्टनेमि के समय के गौतम आदि राजकुमारों का प्रेरणादायी ऐतिहासिक वृत्तांत सुनाया।आचार्य श्री ने कहा कि साधना के लिए कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता। जब भीतर ज्ञान का प्रकाश प्रकट होता है, तभी साधना का सही समय आ जाता है और वह स्वतः फलित होने लगती है। उन्होंने कहा कि गौतम आदि राजकुमार इसका उदाहरण हैं। विवाह के कुछ ही दिनों बाद उनके भीतर वैराग्य का भाव जागृत हुआ और उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग कर भगवान अरिष्टनेमि के...