मेरठ, मार्च 7 -- कैलाश पर्वत पर चल रहे भक्तामर पाठ में 28वें दिन कैलाश पर्वत मुख्य जिनालय में विराजमान आदिनाथ भगवान का अभिषेक किया गया। शनिवार को 151 परिवारों ने विधान में भाग लेकर पुण्य अर्जित किया। भगवान की शांतिधारा आजाद जैन रोहित जैन एवं स्वर्ण कलश से अभिषेक अर्पित जैन ने किया। दीप प्रज्वलन सविता जैन, पीहू जैन द्वारा किया गया। विधान के मध्य मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि दोषों की स्वीकृति के साथ संकल्प के साथ दोषों को दूर करने का नाम प्रतिक्रमण है। जीवन का कल्याण साधनों से नहीं साधना से होगा, पर आजकल मनुष्य साधनों के पीछे भाग कर दिमागी उलझन मोल ले रहा है। भौतिक सुख सुविधाओं के कारण मनुष्य के जीवन से शांति बहुत दूर चली गई, जिसके जीवन में सुख और शांति है इसका जीवन संतुष्ट है और जो जीवन में प्राप्त को पर्याप्त मानकर जी रहा है वह सबसे सुख...