वाराणसी, जून 7 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू स्थित भारत अध्ययन केंद्र में शनिवार को सात दिनी कार्यशाला 'प्राण से प्रज्ञा : प्राणायाम, त्राटक एवं प्रेक्षा ध्यान का कला एवं विज्ञान' का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को प्राणायाम, त्राटक और प्रेक्षा ध्यान की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पद्धतियों से परिचित कराते हुए शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन में प्रशिक्षित करना है। भारत अध्ययन केंद्र समन्वयक प्रो. शार्दिन्दु कुमार तिवारी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में योग केवल स्वास्थ्य संवर्धन का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, चरित्र एवं चेतना के समग्र विकास का मार्ग है। छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह ने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान कि...