सहरसा, अप्रैल 18 -- महिषी, एक संवाददाता। ज्ञान भारतम अभियान के तहत महिषी में चल रहे प्राचीन पांडुलिपि सर्वे कार्य को नई गति मिलती दिख रही है। शुक्रवार को डीएम दीपेश कुमार के नेतृत्व में जिला स्तरीय पदाधिकारियों की टीम ने महिषी गांव पहुंचकर इस महत्वपूर्ण कार्य का जायजा लिया। टीम के साथ जिला कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा भी मौजूद रहीं। सर्वे के दौरान श्रीउग्रतारा भारती मंडन संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नन्द किशोर चौधरी ने अधिकारियों को महिषी निवासी स्व हीराकांत झा के घर में संरक्षित मिथिलाक्षर लिपि में लिखी करीब डेढ़ सौ वर्ष पुरानी दो दुर्लभ पांडुलिपियां दिखाईं। इसके बाद डीएम का काफिला जवाहर ठाकुर के घर पहुंचा, जहां लगभग 25 फीट लंबी मिथिलाक्षर लिपि में लिखी दुर्लभ जन्म कुंडली सहित चार अन्य पांडुलिपियां प्रस्तुत की गईं। यह भी पढ़ें...