वाराणसी, अप्रैल 12 -- वाराणसी। बीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में तीन दिनी राष्ट्रीय कार्यशाला में 12 राज्यों के 18 विश्वविद्यालयों से आए शोधार्थियों ने प्रागैतिहासिक मानव के उपकरण निर्माण की तकनीकी एवं विधियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। 'स्टोरीज़ इन स्टोन : ए वर्कशॉप ऑन प्रीहिस्टोरिक लिथिक्स' के समापन सत्र की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग की निदेशक डॉ. रेनू द्विवेदी रहीं। मुख्य वक्ता चेन्नई स्थित शर्मा सेंटर फॉर हेरिटेज एजुकेशन के प्रो. शांति पप्पू ने प्रागैतिहासिक अध्ययन के क्षेत्र में फील्ड एवं प्रयोगात्मक शोध के महत्व पर चर्चा की। विशेष अतिथि कला संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल रहीं। मुख्य अतिथि डॉ. रेनू द्विवेदी ने प्रागैतिहासिक पुरातत्व के अध्ययन की प्रासंगिकता एवं इसके संरक्षण की आवश...