मुजफ्फर नगर, मार्च 26 -- सिसौली स्थानीय किसान भवन में आयोजित चार दिवसीय कृषि कार्यशाला के समापन पर पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर ने किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिकजीरो बजट खेती को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान मुख्य रूप से गन्ने की फसल पर निर्भर हैं, लेकिन गन्ना प्राकृतिक पद्धति से किया जाए तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। जिससे किसान को आर्थिक सहयता मिलेगी।डॉ. सुभाष पालेकर ने किसानों को कहा कि गन्ने की खेती करते समय पौधों के बीच लगभग चार से छह फीट की दूरी रखनी चाहिए। इसके साथ ही गन्ने की पंक्तियों के बीच अन्य फसलों की बुवाई करने से भूमि की उर्वरता बढ़ती है और किसानों को आय भी बढ़ती है। उन्होंने बताया कि प्रकृतिक से शुद्ध एवं स्वास्थ्यवर्धक अनाज का उत्पादन होता है। प्राकृतिक जीरो ब...