कानपुर, मई 4 -- कानपुर देहात, संवाददाता। जलस्रोतों को संरक्षित करना मौजूदा वक्त की जरूरत है लेकिन रसूलाबाद तहसील क्षेत्र की प्राकृतिक इटैली झील उपेक्षा की शिकार है। इसको पक्षी विहार और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने का क्षेत्रीय लोगों का सपना अभी तक पूरा नहीं हो सका, लेकिन अतिक्रमण से इसका आकार सिकुड़ता जा रहा है। रसूलाबाद तहसील क्षेत्र के1030 बीघे में प्रवाहित होने वाली सात किमी लंबी प्राकृतिक इटैली झील कुछ साल पहले तक पानी से लबालब रहती थी। इटैली के 480 बीघे, मनावा के 330 बीघे, भगवंतपुर कहिंजरी के 160 बीघे व माल का पुरवा के 60 बीघे में स्थित यह झील अब अवैध कब्जों का शिकार हो रही है। इससे इस प्राकृतिक विशाल झील का दायरा सिकुड़ता जा रहा है।सर्दी के दिनों में साइबेरियन, आस्ट्रेलियन व दुर्लभ प्रजाति के विदेशी पक्षी यहां आकर डेरा डालते हैं...
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