नई दिल्ली, मई 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में उत्तर प्रदेश सरकार की कई याचिकाओं को खारिज कर दिया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य आंध्र प्रदेश से कॉमन कैरियर पाइपलाइनों के माध्यम से परिवहन की जाने वाली प्राकृतिक गैस पर स्थानीय मूल्य वर्धित कर (वैट) नहीं लगा सकता है। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने 2012 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और टाटा केमिकल्स और आईएफएफसीओ जैसे अन्य प्रमुख खरीदारों के खिलाफ राज्य सरकार के मूल्यांकन आदेशों को रद्द कर दिया गया था।इसने उत्तर प्रदेश द्वारा केजी-डी6 बेसिन से आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस की अंतरराज्यीय बिक्री पर वैट लगाने के प्रयास को रद्द करने वाले हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा...