गया, जून 5 -- प्राकृतिक खेती केवल खेती की एक पद्धति नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता का आधार है। इसके माध्यम से पारिस्थितिक संतुलन की पुनर्स्थापना, सतत कृषि उत्पादन और किसानों की आय और आजीविका में सुधार सुनिश्चित किया जा सकता है। प्राकृतिक खेती से किसान समृद्ध होंगे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। कृषि मंत्री विजय कुमार सिंहा ने टनकुप्पा प्रखंड की भेटौरा पंचायत स्थित बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट्स वैल्यू चैन मायापुर में शुक्रवार को आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कृषि मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के लगातार और अत्यधिक उपयोग से कृषि भूमि क...