आगरा, अक्टूबर 30 -- किसानों को रासायनिक मुक्त एवं पर्यावरण अनुकूल खेती करने के लिए प्रेरित करने के प्रयास किये गए हैं। किसानों को प्राकृतिक खेती के फायदे समझाए गए। विशेषज्ञों ने किसानों के साथ प्राकृतिक खेती के विविध पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। गुरुवार को विकास भवन में जिला गंगा समिति ने भारत सरकार की नमामि गंगे परियोजना के चलते कृषि विभाग के समन्वय से "प्राकृतिक खेती" के बारे में किसानों को समझाया। इस मौके पर किसानों को रासायनिक मुक्त एवं पर्यावरण अनुकूल खेती के प्रति जागरूक करने व गंगा नदी के प्रदूषण नियंत्रण में किसानों की सहभागिता को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि जैविक खाद, गोमूत्र, जीवामृत, घनजीवामृत जैसे प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है बल्कि फसलों की गुणवत्ता...