मुजफ्फरपुर, जून 16 -- सरैया, हिन्दुस्तान संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सरैया एवं आत्मा, मुजफ्फरपुर के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला हुई। इसके तकनीकी सत्र में केवीके के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. रामकृष्ण राय ने प्राकृतिक खेती की अवधारणा, उसके वैज्ञानिक आधार एवं दीर्घकालिक लाभों की जानकारी दी। कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, पैदावार की लागत घटती है तथा कृषि अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनती है।केवीके के सभागार में हुई कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों के करीब 250 किसानों ने भाग लिया। इनमें प्राकृतिक खेती क्लस्टर क्षेत्रों के करीब 150 प्रगतिशील किसान शामिल थे। यह भी पढ़ें- बांका के पांच प्रखंडों के 250 हेक्टेयर में हो रही है प्राकृतिक खेती डॉ. तरुण कुमा...