प्राकृतिक खेती में रसायनिक खाद का उपयोग लाभदायक
गोड्डा, जून 12 -- गोड्डा, प्रतिनिधि। कृषि विज्ञान केन्द्र, गोड्डा के सौजन्य से बोआरीजोर प्रखंड के कैरासोल एवं मेघी ग्राम में खेत बचाओ अभियान के तहत उर्वरकों का संतुलित उपयोग विषय पर प्रशिक्षण -सह- जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह भी पढ़ें- प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ेगीप्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य बातें वरीय वैज्ञानिक - सह - प्रधान डॉ. रवि शंकर ने बताया कि फसल उत्पादन में नील हरित शैवाल एक प्राकृतिक जैव उर्वरक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मुख्य रूप से धान की फसल के लिए अत्यधिक उपयोगी है, जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करके पैदावार बढ़ाता है और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को सुरक्षित रखता है। यह भी पढ़ें- खेत बचाओ अभियान से प्राकृतिक खेती को मिलेगा मुकामप्राकृतिक खेती का महत्व उद्यान वैज्ञानिक डॉ. हेमंत ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.