पटना, फरवरी 27 -- पूर्वजों के समय से हो रही प्राकृतिक खेती को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। इसके लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें प्रयास कर रही हैं। किसान प्राकृतिक खेती से जुड़कर फसलों को रसायन मुक्त बनाएं। मिट्टी, पानी एवं इंसानों के स्वास्थ्य को बेहतर करें। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को बामेती सभागार में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आयोजित कार्यशाला में ये बातें कही। उन्होंने कहा कि रसायनों के अंधाधुंध इस्तेमाल से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मिट्टी और पानी दूषित हो रहा है। गोबर, कम्पोस्ट और नीम आदि से बने खाद और जैविक कीटनाशकों के इस्तेमाल से खेती की लागत भी कम होगी और स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। उन्होंने किसानों से कहा कि वे प्राकृतिक तरीके से उत्पादन करें सरकार इसमें पूरा सहयोग करेगी। कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्म...