नई दिल्ली, मई 25 -- उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती अब खेती के विकास का अहम हिस्सा बन रही है। इसका उद्देश्य मिट्टी की सेहत सुधारना, केमिकल वाली खेती का दबाव कम करना और किसानों को स्थानीय तरीकों से खेती के लिए सहयोग देना है। प्रदेश के कई जिलों में गौ-आधारित प्राकृतिक खेती और जैविक खेती पर बड़े स्तर पर काम शुरू हो चुका है। यह खेती को ज्यादा स्वच्छ और लंबे समय तक बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन इसी दिशा में मिट्टी की सेहत सुधारने और किसानों की लागत कम करने पर जोर देता है।बुंदेलखंड में प्राकृतिक खेती का बढ़ता काम बुंदेलखंड में प्राकृतिक खेती का काम तेजी से बढ़ रहा है। इस क्षेत्र के सभी जिलों में 23,500 हेक्टेयर भूमि पर गौ-आधारित प्राकृतिक खेती की जा रही है। यह पहल इसलिए जरूरी है क्योंकि बुंदेलखंड को लंबे समय...