सुपौल, अगस्त 2 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता प्राकृतिक आपदाओं के कारण पशुधन की क्षति झेलने वाले पशुपालकों को अब आर्थिक राहत मिलेगी। पशुपालन विभाग की सहायता अनुदान योजना के तहत बाढ़, सुखाड़, आकाशीय बिजली और अगलगी जैसी प्राकृतिक आपदाओं में पशुओं की मौत होने पर निर्धारित दर से मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। विभाग का उद्देश्य आपदा के बाद पशुपालकों की आर्थिक क्षति को कम करना और उन्हें दोबारा पशुपालन से जोड़ने में मदद करना है। यह भी पढ़ें- वन्यजीवों से नुकसान पर मिलेगा मुआवजायोजना के तहत सहायता राशि जिला पशुपालन विभाग के अनुसार योजना के तहत गाय, भैंस, ऊंट, याक आदि की मौत होने पर प्रति पशु 37,500 रुपये की सहायता मिलेगी। बैल और घोड़े की मौत पर 32 हजार रुपये, जबकि बछड़ा, गदहा, खच्चर की मौत होने पर 20 हजार रुपये की सहायता राशि निर्धारित की गई है...