वाराणसी, अप्रैल 18 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। प्रह्लाद घाट पर नृसिंह लीला 27 अप्रैल से शुरू होगी। पहले दिन क्षीर सागर की झांकी होगी। इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। मान्यता है कि करीब एक हजार साल पहले दक्षिण भारत के 25 गांवों के मधुप (कर्मकांडी) ब्राह्मणों ने इसकी शुरुआत की थी। नृसिंह लीला करने के लिए वे खेमे में पदयात्रा करते हुए यहां छह महीने में पहुंचते थे। नृसिंह लीला के आयोजन में मनु उपाध्याय की अहम भूमिका होती है। वह बताते हैं कि गोस्वामी तुलसीदास का काल शुरू होने के पहले तक मधुप ब्राह्मण आया करते थे। उनके खेमे में लीला सामग्री, अनाज समेत रोजमर्रा की जरूरी चीजें होती थीं जो वे खच्चर पर लदी होती थीं। यह भी पढ़ें- पुन:प्रेषित-जगन्नाथडीह-अहरडीह में श्री श्री 108 नवाहपारायण हनुमत प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ शुरू यहां प्रह्लाद घाट...
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