उन्नाव, मार्च 31 -- बिछिया, संवाददाता। ब्लॉक क्षेत्र के ओरहर गांव स्थित सांखो देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य प्रभात त्रिपाठी ने प्रहलाद चरित्र का वर्णन किया। बताया कि हिरण्य कश्यप खुद को भगवान समझता था। प्रजा पर भी उसे भगवान मानने के लिए दबाव डालता था। उसका बेटे प्रहलाद विष्णु को ही भगवान मानता था। एक दिन हिरण्य कश्यप ने प्रहलाद से पूछा कि तुम्हारा भगवान कहा रहता है। प्रहलाद ने एक खंभे की ओर इशारा करके कहा कि भगवान हर जगह है। आक्रोश से हिरण्य कश्यप ने उस खंभे को तोड़ने का प्रयास किया। खंभे के भीतर से ही भगवान नरसिंह के अवतार में प्रकट हुए और उसका वध किया। आचार्य ने कहा कि भागवत कथा जीवन को सही दिशा दिखाकर परमात्मा की ओर ले जाती है। यजमान रमेश चंद्र, बाबूलाल, पंकज, कमलाकांत, शिव विनोद व जया आदि मौजूद रहे।
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