कुशीनगर, जून 21 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। विशुनपुरा क्षेत्र की निवासी पिंकी जैन को सरकारी अस्पताल से बाहर भेजे जाने और बाद में नवजात की मौत के मामले में एडी हेल्थ के निर्देश पर गठित संयुक्त मंडलीय जांच समिति की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में महिला अस्पताल पडरौना की दो स्टाफ नर्सों, एक एएनएम तथा निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली में अनियमितताएं सामने आई हैं। धौरहरा गांव निवासी पिंकी जैन को 1 नवंबर, 2025 को प्रसव पीड़ा होने पर राजकीय महिला चिकित्सालय पडरौना लाया गया था। अस्पताल में जांच के दौरान बताया गया कि प्रसव शाम तक हो सकता है। बाद में दूसरी स्टाफ नर्स ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखकर बच्चे के गले में नाल लिपटी होने की बात कही और किसी अच्छे अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। यह भी पढ़ें- प...