आरा, मार्च 23 -- सेमिनार पीरो, संवाद सूत्र। तरारी और काराकाट की सीमा पर स्थित थुमिया गांव में प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर रोकने के लिये सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में बतौर विषय प्रवर्तक पटना विश्वविद्यालय की छात्रा की डॉ संचिता गौड ने हिस्सा लिया। उन्होंने महिलाओं को बताया कि लापरवाही के चलते मातृ मृत्यु दर बढ़ती जा रही है। माता की मौत का कारण कुपोषण बताते हुए कहा कि प्रसव के पहले महिला के पोषण पर ध्यान नहीं दिया जाता है। शुरू से ही पोषण पर ध्यान दिया जाये तो माता की मौत की दर कम हो जायेगी। गर्भावस्था के दौरान प्रबंधन किया जाये तो एक्लेमप्सिया और संक्रमण को रोका जा सकता है। अध्यक्षता हरेन्द्र तिवारी ने की और संचालन अक्षय तिवारी ने किया।

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