गंगापार, अप्रैल 5 -- धनूपूर ब्लॉक के पिपरी गांव स्थित देवबरा धाम में नौ दिवसीय कथा के अंतिम दिन लोगों को कथा सुनाते हुए राजन जी ने कहा कि जो भी कार्य प्रसन्न मन से किया जाता है वह अवश्य पूर्ण होता है। परिवार व समाज में कार्य का बंटवारा होना चाहिए। क्योंकि जो सभी काम करता वह पूरा नहीं कर पाता है। घर, परिवार व समाज में कार्य का वर्गीकरण होना चाहिए। किया गया कार्य यह बताता है कि यह कार्य किस भाव से किया गया है। काम के बीच कभी भी विश्राम नहीं करना चाहिए। काम के बीच विश्राम करने से कार्य पूर्ण नहीं हो पाता है। हमेशा छोटा बनकर जाना चाहिए क्योंकि छोटा बनकर जाने से आशीर्वाद मिलता है। बड़ा बनकर जाने से आशीर्वाद देना पड़ता है।अंतिम दिन मौजूद लोगों को सुंदर कांड की कथा श्रवण कराई। कहा कि मां सीता को खोजने के लिए जामवंत ने हनुमान जी को प्रोत्साहित कि...
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