हजारीबाग, अप्रैल 3 -- बरही प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान गौरियाकरमा में पांच दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के लिए पाकुड़ से आए किसानों को संस्थान के निदेशक, कुलपति डॉ सी एच श्रीनिवासराव के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान पाकुड़ जिले के किसानों को प्राकृतिक एवं एकीकृत कृषि प्रणाली की आधुनिक तकनीक की जानकारी दी गई। 30 मार्च से शुरू प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को हुआ। पाकुड़ के किसानों को आत्मा, पाकुड़ के द्वारा प्रशिक्षण के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान गौरियाकरमा भेजा गया था। किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभ, जैविक खाद निर्माण, रसायन-मुक्त खेती के उपाय और एकीकृत कृषि प्रणाली के माध्यम से आय बढ़ाने की तकनीक की जानकारी दी गई। समापन पर प्रशिक्षणार्थी किसानों को प्रमाण पत्र भी प्रदान ...