नई दिल्ली, अगस्त 4 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से उन सैन्य प्रशिक्षुओं के कल्याण के लिए एक योजना बनाने को कहा है, जिन्हें सैन्य प्रशिक्षण के दौरान चोटिल होने की वजह से हुई दिव्यांगता के कारण सेना से बाहर कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी प्रशिक्षण के दौरान ही, दिव्यांगता के कारण सेना से बाहर हुए सैन्य प्रशिक्षुओं को पूर्व सैन्य कर्मियों के कोटे में आरक्षण देने पर विचार करने को कहा है।

सरकार को निर्देश जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और मनमोहन की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से इस बारे में केंद्र सरकार से जरूरी निर्देश लेने को कहा। पीठ ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधान ऐसे कैडेट्स पर लागू नहीं हो सकते, खासकर उन पर जिनकी विकलांगता 40 फीसदी से कम ...