लखीसराय, मार्च 8 -- दिग्विजय कुमार, बड़हिया। दलहन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध बड़हिया टाल क्षेत्र इन दिनों हरे और पीले रंग की फसलों से आच्छादित दिखाई दे रहा है। दूर-दूर तक फैले खेतों में लगी मसूर और केराव (मटर) की फसलें अब पककर तैयार हो चुकी है। फसलों की कटाई और निराई का कार्य शुरू होते ही परदेशी मजदूरों के जत्थों का रोजाना बड़हिया पहुंचना शुरू हो गया है। मजदूरों के आगमन से जहां एक ओर टाल क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है, तो वहीं स्थानीय छोटे बाजारों में भी रौनक लौट आई है। फुटपाथी दुकानों से लेकर अस्थायी बाजारों तक हर जगह मजदूरों की भीड़ देखी जा रही है। मजदूर अस्थायी आवास, भोजन तथा कटाई में प्रयुक्त आवश्यक सामग्रियों की खरीदारी में जुटे हुए हैं। पकी हुई फसलों की कटाई, निराई, थ्रेसिंग और सुरक्षित भंडारण में लगभग एक माह का समय लगता है। जिसे यहां के ल...
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