बागपत, सितम्बर 11 -- माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों की पढ़ाई में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब दोनों विषयों में 30-30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। प्रयोगात्मक कार्य को पढ़ाई का हिस्सा बनाए जाने से छात्र-छात्राओं को केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय विषय को प्रयोग करके समझने का अवसर मिलेगा। शिक्षकों का मानना है कि इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों की विषयगत समझ और परीक्षा परिणाम पर भी दिखाई देगा। अधिकारियों ने बताया कि विज्ञान में प्रयोगात्मक कार्य शुरू होने से विद्यार्थियों में करके सीखने की भावना मजबूत होगी। प्रयोगों के माध्यम से वे वैज्ञानिक तथ्यों को सिर्फ पढ़ेंगे नहीं, बल्कि उन्हें स्वयं करके समझेंगे। इससे विषय का गहन ज्ञान विकसित होगा और विज्ञान के प्रति उनकी रुचि भी बढ़ेगी। प्रयोगात्मक गतिविधियों...