लखनऊ, अगस्त 11 -- विज्ञान का दायरा प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका लाभ किसानों, गांवों और उद्योगों तक पहुंचे और समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। यह बात पद्मश्री प्रो. अनिल कुमार गुप्ता ने मंगलवार को केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) के 48वें वार्षिक दिवस समारोह में कही। उन्होंने कहा कि किसानों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों और स्थानीय समुदायों को जोड़कर नेटवर्क और क्लस्टर विकसित करने की जरूरत है। पारंपरिक ज्ञान से विकसित उत्पादों में किसानों और स्थानीय समुदायों को उचित पहचान मिलनी चाहिए। सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने संस्थान की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि प्रयोगशाला में विकसित तकनीकों को क्षेत्र-स्तरीय प्रौद्योगिकियों में बदला जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार के राज्यमंत्री (कैबिनेट रैंक) हेमंत पाटिल ने कहा कि ...