देहरादून, जनवरी 8 -- पुरोला। पंचायत चुनाव हुए छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुरोला ब्लॉक प्रमुख का पद असमंजस में होने के कारण विकास कार्यों में बाधा से क्षेत्र जूझ रहा है। अभी तक बीडीसी की बैठक तक नहीं हो पाई है। इससे पंचायत प्रतिनिधियों में रोष तो है ही इसी के साथ ही ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में आ रही दिक्कतों को लेकर चिंतित भी हैं। पुरोला विकासखण्ड में प्रमुख तो बन गए लेकिन प्रतिद्वंदी के माध्यम से जाति प्रमाणपत्र पर लगाई गई आपत्ति के चलते मामला न्यायालय तक पहुंच गया। इसके अंतर्गत ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित होने के कुछ दिन बाद ही प्रशासनिक व वित्तीय शक्तियां छीन ली गयी थी। अब तक ना ही पद की शक्तियां बहाल हो पाई और ना ही कुछ न्यायालय से राहत मिल सकी। मामला पुरोला विकासखण्ड का है जहां पूर्व विधायक मालचंद की ...