सहारनपुर, जून 2 -- नकुड़। श्रीमद् भागवत ज्ञानामृत सप्ताह के प्रथम दिन की कथा में कथावाचक आचार्य भगवती प्रसाद शुक्ल ने बताया कि भागवत इतना पवित्र ग्रंथ है जहां पर स्थापित हो जाता है वहां पर सभी तीर्थ, सभी देवी देवता विराजमान हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि भागवत महापुराण मुख्य रूप से पदम पुराण और स्कंध पुराण में सुनाया जाता है। नगर के शिवालय महादेव मंदिर में श्री राधे गोविंद सेवा समिति द्वारा आयोजित भागवत कथा के प्रथम दिन आचार्य भगवती प्रसाद शुक्ल ने बताया कि भगवान गोविंद इतने दयालु हैं कि पूतना भगवान गोविंद को मारने आई, परंतु भगवान गोविंद ने उसको भी मां की गति प्रदान की। यह भी पढ़ें- भागवत कथा मोक्ष का सीधा मार्ग आचार्य श्री ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का सार भगवान की शरणागति है। क्योंकि शरणागत होना ही भगवान की भक्ति है। भागवत प्रवक्ता आ...