वाराणसी, सितम्बर 26 -- रामनगर, संवाद। अयोध्या राजमहल में हंसी-खुशी का वातावरण है। हर कोई चहकता-खिलखिलाता दिख रहा है। राजभवन में शिशुओं की किलकारियां राजा दशरथ, उनकी रानियों और दरबारियों को आह्लादित कर रही हैं। अवसर ही ऐसा है-वर्षों की घोर तपस्या के बाद प्रभु श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुध्न के रूप में अयोध्या नगरी को उसके उत्तराधिकारी मिले हैं। हर घर में घी के दीये जलाए जा रहे हैं। घर-घर मंगलगीत और सोहर गाए जा रहे हैं। प्रभु श्रीराम और उनके भाइयों के जन्म से अयोध्यावासी प्रसन्न हैं। उनके मुख से-'भये प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी' प्रस्फुटित हो रहा है। यह भी पढ़ें- Shamli News: जब अधर्म का प्रभाव बढ़ा तब भगवान ने अवतार लिया-विजय कौशलराजमहल में उल्लास रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला शनिवार को शुरू हुई तो वातावरण बिल्कुल त्रेता युग ...