छपरा, मार्च 11 -- 4 इसुआपुर में तुलसी जयंती समारोह के मौके पर भागवत कथा सुनाते हुए संत विद्याभूषण जी महाराज। इसुआपुर, एक संवाददाता। प्रखंड के उच्चतर माध्यमिक एवं मध्य विद्यालय इसुआपुर के परिसर में हो रहे तुलसी जयंती समारोह के दूसरे दिन मंगलवार की देर संध्या मढ़ौरा, सारण से पधारे संत विद्याभूषण जी महाराज उर्फ कवि जी ने अंगद चरित्र के माध्यम से जनमानस को बताया कि भगवान है, किंतु केवल भगवान के होने से ही जीव का कल्याण नहीं हो सकता। बल्कि जीव का कल्याण तभी होगा, जब वह भगवान की सत्ता को स्वीकार कर आत्म समर्पण करे। अर्थात भगवान के साथ अपना कोई ना कोई संबंध स्थापित करना होगा। अंगद ने अपने पिता बाली के माध्यम से भगवान राम की शरणागति स्वीकार की थी। परिणाम स्वरूप भगवान की शक्ति उनमें प्रकट हुई। तब लंका में कोई भी वीर उनका पैर नहीं उठा सका। अयोध्या ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.