मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 16 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सिकंदरपुर गोशाला में मंगलवार को श्रीरामलीला के पांचवें दिन प्रभु राम के वनवास प्रसंग का मंचन हुआ। इसे देखकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे। प्रभु राम के वनवास की कथा रामायण पर आधारित है, जिसमें राजा दशरथ की तीसरी रानी कैकेयी और उनकी दासी मंथरा के षड्यंत्र के कारण राम को 14 वर्षों के लिए अयोध्या छोड़ना पड़ा। भरत को राजा बनाने और राम के लिए वनवास मांगने के वरदान के कारण मर्यादा पुरुषोत्तम राम को पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ वन जाना पड़ा। वनवास काल में ही माता सीता का हरण हुआ, लंका में रावण से युद्ध हुआ और अंततः राम विजयी हुए, जिसके बाद वे अयोध्या लौटे। वनवास की यात्रा का मंचन देख भावुक हुए दर्शक वनवास यात्रा के लिए राम, सीता और लक्ष्मण तीनों मुनि वेष धारण कर अयोध्या से निकल पड़ते है...