मेरठ, अप्रैल 4 -- ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में पवित्र शनिवार को प्रभु यीशु के पुनरुत्थान की स्मृति में पास्का जागरण का आयोजन किया गया। रात 10:30 बजे से पहले आग के आशीष का विशेष अनुष्ठान हुआ। इसी पवित्र अग्नि से पास्का मोमबत्तियां जलाई गईं और ज्योति का गुणगान किया गया। इसके बाद धर्मगुरुओं ने श्रद्धालुओं को पवित्र बाइबिल से मानव मुक्ति के इतिहास का पाठ सुनाया। फादर मार्टिन रावत ने कहा कि पास्का शब्द का अर्थ पार लगना है, जबकि ईस्टर आशा की प्रभात का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु के मृतकों में से जी उठने की खुशी में यह रात्रि जागरण किया जाता है, जिसमें पूजा-उपासना, भजन और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने पाप और मृत्यु के बंधन को तोड़कर पुनरुत्थान की अपनी भविष्यवाणी को सत्य साबित किया और मानवता को मुक्ति का ...
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