प्रभु भक्ति का नशा ही है मनुष्य के कल्याण का मुख्य रास्ता
इटावा औरैया, मई 28 -- भरथना। पागलबाबा गंगासागर धाम में आयोजित नौमंजिला श्री पागलबाबा मंदिर शिखर पूजन एवं पंचतत्व हरिहर महायज्ञ के दौरान रामस्वरूपाचार्य ने कहा कि मनुष्य को यदि किसी नशे को अपनाना है तो वह प्रभु भक्ति का होना चाहिए। ईश्वर का स्मरण और भक्ति ही ऐसा मार्ग है, जो व्यक्ति और उसकी आने वाली पीढ़ियों का कल्याण कर सकता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन मनुष्य को सामाजिक, मानसिक, आर्थिक, पारिवारिक और शारीरिक रूप से कमजोर बनाता है, जबकि भगवान की भक्ति व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शक्ति का संचार करती है। प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि पवनपुत्र हनुमान ने श्रीराम नाम की भक्ति के बल पर ही अद्भुत शक्ति प्राप्त की और संसार में महावीर कहलाए। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि वे जिस किसी भी भगवान में आस्था रखते हों, उन...
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