सिद्धार्थ, नवम्बर 11 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। डुमरियागंज कस्बे में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन रविवार की रात कथावाचक पंडित राकेश शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म से जुड़े प्रसंग का वर्णन किया। सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। श्रीकृष्ण का जन्म होते ही जयकारों से पंडाल गूंज उठा और महिलाओं ने सोहर गाया। कथावाचक ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग के अलावा चीर हरण, पूतना वध, वकासुर वध की कथा सुनाई। कथावाचक ने कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार बढ़ा है भगवान ने किसी न किसी रूप में अवतार लेकर प्राणियों की रक्षा की है। मनुष्य को श्रीकृष्ण के जीवन चरत्रि का अनुसरण करना चाहिए। रात 12 बजे भगवान के जन्म का उदघोष हुआ। इसके बाद बधाइयां बजनी शुरू हो गईं। श्रद्धालुओं ने गोले व पटाखे दागे और आरती की। महिलाओं ने गोकुल में बजत है बधैया, नंद के घर जन्...