मुरादाबाद, जून 15 -- रामगंगा विहार स्थित शिव शक्ति मंदिर में चल रही श्री राम कथा में कथा व्यास मर्मज्ञ बृजेश पाठक व्यक्ति अहंकार के कारण बड़ों के चरणों में झुकना नहीं चाहता। उसे लगता है कि झुकने से उसका सम्मान कम हो जाएगा। वह नहीं जानता कि वह प्रभु की कृपा और गुरूजनों के आशीर्वाद के बिना कुछ नहीं पा सकता। उन्होंने कहा हिंदू संस्कृति में प्रणाम शोभा नहीं संस्कार है। जिसे छोटे बिना कुछ किये बड़ों के हृदय में स्थान पा लेते हैं। अपने से बड़ों के हृदय में स्थान पाने के लिए इससे बड़ा कोई साधन नहीं हैं। व्यवस्था में गोरखनाथ प्रसाद, उमेश चंद्र बंसल, प्रतीक बंसल, निमित जायसवाल, राधे मोहन शर्मा, पंडित हेमंत भट्ट,देवेंद्र ओझा, महेंद्र जसूजा आदि शामिल रहे।

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