भागलपुर, अप्रैल 26 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि प्रभु की भक्ति निस्वार्थ होनी चाहिए जिसमें कामना न हो। श्रीमद भागवत महापुराण केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि मानव जीवन को सत्य मार्ग पर ले जाने वाला दिव्य प्रकाश ग्रन्थ है। यह बातें नंदलालपुर के देवीपुर शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचन करते हुए कथा वाचक पूर्ति किशोरी ने कही। मंगलाचरण पाठ के साथ कथा प्रारंभ की गई उन्होंने महर्षि व्यास के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि वेदों के विभाजन, 17 पुराणों एवं महाभारत की रचना के बावजूद उनके मन में अशांति थी, जिसे देवर्षि नारद के मार्गदर्शन से भागवत की रचना कर शांति मिली। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भावविभोर होकर सहभागी बने। संचालन दिवाकर सिन्हा ने किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव राम, जिला पार्षद रिंकी देवी, पूर...