प्रभु का स्मरण ही सच्ची भक्ति, स्वामी हरिहरानंद
भदोही, जुलाई 19 -- सीतामढ़ी, संवाददाता। महर्षि वाल्मीकि आश्रम, सीतामढ़ी में लवकुश जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय रामायण मेले में शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं विधिवत पूजन कर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान कथा वाचक संत प्रवर स्वामी हरिहरानंद महाराज ने मानव जीवन के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बड़े भाग्य से मनुष्य योनि प्राप्त होती है। यह जीवन केवल भौतिक सुख-सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन है। मनुष्य यदि अपने मन को एकाग्र कर प्रभु का निरंतर स्मरण करता रहे और साथ ही अपने परिवार, समाज तथा राष्ट्र के प्रति निर्धारित दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करे तो भगवान उससे कभी दूर नहीं होते। ईश्वर को...
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