उरई, अप्रैल 13 -- आटा। संवाददाता गांव के विकास के नाम पर बनाए गए प्रधान पार्क की हालत आज खुद विकास कार्यों की हकीकत बयां कर रही है। लाखों रुपये खर्च कर तैयार किया गया यह पार्क अब बदहाली और उपेक्षा का शिकार हो चुका है। पार्क का मुख्य गेट टूटा पड़ा है, अंदर लगे उपकरण जर्जर हालत में हैं और चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कभी बच्चों और बुजुर्गों के लिए बनाए गए इस पार्क में आज कोई जाना तक पसंद नहीं करता। सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं बचा है, जिससे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी लगने लगा है।लोगों यह भी पढ़ें- प्रशासनिक लापरवाही से अधूरी पड़ी योजनाएं, वर्षों बाद भी नहीं हुई कार्रवाई का आरोप है कि प्रधान और सचिव की लापरवाही के चलते यह हालात बने हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक कोई सुध नहीं ली। स्थानीय लोगों का कहना है क...