प्रधान के प्रशासक बनते ही गांव से गायब हुए समाजसेवी
संतकबीरनगर, जून 7 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने के बाद प्रधानों की ही ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के रूप में तैनाती के बाद गांव की राजनीति का माहौल बदलता नजर आ रहा है। प्रशासक नियुक्त होने के पहले गांव-गांव तथा सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर जो स्वयं समाजसेवी और राजनीतिक चेहरे अपनी सक्रियता का प्रचार करते थे, वे अब गायब दिखाई दे रहे हैं। यह नजारा बघौली के कई गांवों में देखा जा सकता है I कुछ दिन पूर्व चुनाव की सुबगुहाट सुन कर गांव में समाज सेवियो की बाढ़ आ गई थी। जैसे ही पता चला कि अब चुनाव नहीं होंगे गांव के प्रधान को ही प्रशासक बन कर आगे गांव का विकास करेंगे, वैसे ही गांवों में अब समाजसेवियों के चेहरे नजर नहीं आ रहे हैं। ये लोग हर छोटे-बड़े मुद्दे पर अपनी मौजूदग...
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