●सुहेल हामिद, जुलाई 26 -- नीट (NEET) पेपर लीक और दूसरे मुद्दों पर युवाओं की आवाज से आवाज मिलाकर विपक्ष सरकार को झुकने के लिए मजबूर करने में सफल रहा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जहां विपक्ष को संसद के अंदर और बाहर सरकार पर हावी होने के मौका मिल गया है, वहीं विपक्ष के सरकार पर आरोपों को भी वैधता मिली है। यूं तो शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का पूरा श्रेय आंदोलन कर रहे युवाओं को जाता है, पर विपक्ष ने आंदोलन को इस परिणाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। खासकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिस अंदाज और वक्त पर युवाओं की मांग को धार दी, उसने सरकार को इस्तीफा नहीं देने की अब तक चली आ रही परंपरा को तोड़ने पर मजबूर कर दिया। रणनीतिकारों का कहना है कि प्रधान के इस्तीफे से विपक्ष का मनोबल बढ़ा है। विपक्ष अपनी...