महाराजगंज, मई 13 -- महराजगंज, निज संवाददाता। प्रधानमंत्री द्वारा ऑनलाइन क्लास व डिजिटल शिक्षा की जरूरत पर दिए गए बयान के बाद जिले में हलचल बढ़ गई है। हालांकि अभी ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने को लेकर कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं हुआ है, लेकिन स्कूल संचालकों का कहना है कि कोरोना काल का दौर दूसरा था। उस समय लॉकडाउन के कारण कोई और विकल्प नहीं होने से ऑनलाइन क्लास को अपनाना पड़ा था। संचालकों के अनुसार ऑनलाइन शिक्षा को विकल्प के बजाय पूरक के तौर पर देखा जाना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले बच्चों के लिए यह बेहतर विकल्प है, पर छोटे बच्चों को सिखाने के लिए स्कूल में ही शिक्षण संभव है。

समाजशास्त्री की राय समाजशास्त्री डॉ. मनोज पांडेय का कहना है कि कोरोना महामारी के समय जिले के अधिकांश निजी विद्यालयों ने व्हाट्सएप ग्रुप, वीडियो कॉल व...