कानपुर, जुलाई 25 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन करने के लिए हो रहे सर्वेक्षण का दारोमदार जिन लोगों पर है, वही पाई-पाई को मोहताज हैं। अर्थ एवं संख्या विभाग की ओर से असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण कराया जा रहा है। मगर इस अति महत्वपूर्ण काम को करने के लिए तकरीबन 17 युवाओं की टीम को संविदा पर रखा गया। उन्हें दस माह से न मानदेय दिया गया और न ही पेट्रोल और खाने का भत्ता।दस महीने बीतने के बाद अब जब संविदा समाप्त होने का नंबर आया तो आखिरी के दो महीनों में कार्मिकों ने सर्वेक्षण छोड़कर अपने हिस्से का मानदेय और भत्ता मांगना शुरू किया। जिस पर मांग तो पूरी नहीं हुई बदले में उच्चाधिकारी काम पूरा करने का दबाव जरूर बनाने लगे। तंग आकर सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे.जैन से मुल...