गुड़गांव, अक्टूबर 26 -- गुरुग्राम,कृष्ण कुमार। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत पूरे हरियाणा में वायु प्रदूषण का स्तर अब भयावह रूप धारण कर चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के एक चौंकाने वाले विश्लेषण से यह सच्चाई सामने आई है कि राज्य का एक भी शहर तय वायु गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। वर्ष 2019 से लेकर 23 अक्तूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के सभी प्रमुख शहर लगातार वार्षिक पीएम दस मानक सीमाओं का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे पूरा राज्य एक बड़े स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों के नियमों के तहत, पीएम10 का सुरक्षित वार्षिक औसत 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और दैनिक औसत 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर निर्धारित किया गया है। हालांकि, सीपीसीबी की रिपोर्ट से स्पष्ट है ...