रांची, अप्रैल 19 -- रांची, हिन्दु्स्तान ब्यूरो। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन में पेच फंसता दिख रहा है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर दिल्ली में पिछले दिनों मंथन हुआ, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बन सकी। आलाकमान ने प्रस्ताव में सोशल इंजीनियरिंग को लागू करने की बात कही है। अब कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर हर समुदाय के लोगों को रखने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान परिदृश्य में प्रदेश की नई कमेटी में सभी लोकसभा के लिए प्रभारी की जिम्मेवारी निर्वहन करने के लिए 14 उपाध्यक्ष, जिलों के प्रभारी की जिम्मेदारी के लिए 25 महासचिव के साथ-साथ सभी 81 विधानसभा के प्रभारी की जिम्मेदारी के लिए सचिव व संयुक्त सचिव बनाए जाएंगे। इनकी संख्या में बढ़ोतरी हो सकेगी। ऐसे में कांग्रेस के प्रकोष्ठ व...
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