नई दिल्ली, मार्च 20 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। फेफड़े का कैंसर सामान्य तौर पर तंबाकू के सेवन व धूम्रपान के कारण होता है, लेकिन धूम्रपान नहीं करने वाले लोगों में भी यह बीमारी बढ़ रही है। इस वजह से अब फेफड़े के कैंसर से पीड़ित 30 प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं जो धूम्रपान व तंबाकू का सेवन नहीं करते। एम्स के कैंसर सेंटर के डॉक्टरों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि धूम्रपान नहीं करने वाले लोगों में फेफड़े के कैंसर का एक कारण वायु प्रदूषण हो सकता है। इसे वैज्ञानिक रूप से सत्यापित करने के लिए एक एयर केयर अध्ययन शुरू किया गया है। एम्स रेडिएशन आंकोलॉजी के सहायक प्रोफेसर डॉ. अभिषेक शंकर नेतृत्व में शुरू इस अध्ययन में सर्जिकल आंकोलॉजी के प्रमुख डॉ. सुनील कुमार, रेडिएशन आंकोलॉजी की प्रोफेसर डॉ. रंभा पांडे, एनेस्थीसिया व पैलिएटिव केयर के प्र...