नई दिल्ली, मार्च 11 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, देश के कई बड़े शहरों में हवा की गुणवत्ता केवल उत्सर्जन से तय नहीं होती है, बल्कि मौसम की परिस्थितियां भी प्रदूषण के स्तर को गहराई से प्रभावित करती हैं। 2024-2025 के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग डेटा पर आधारित संस्था क्लाइमेट ट्रेंड्स के नए विश्लेषण के अनुसार, केवल मौसम की स्थितियों में बदलाव से ही प्रदूषण का स्तर लगभग 40 प्रतिशत तक बदल सकता है, भले ही उत्सर्जन में कोई बदलाव न हुआ हो। रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकैप) के आगामी फेज-3 में नीतिगत ढांचे को मौसम और मौसम-विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार करना जरूरी है। इसमें अलग-अलग मौसमों के लिए लक्ष्य तय करना और मौसम आधा...