नई दिल्ली, मार्च 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली और आस-पास के इलाकों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए करीब 40 साल पहले पर्यावरणविद एमसी मेहता द्वारा 1985 में दाखिल जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। हालांकि शीर्ष अदालत ने अपनी रजिस्ट्री दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण के मुद्दों पर स्वत: याचिका पंजीकरण करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने इतने सालों में पर्यावरणविद मेहता द्वारा 1985 में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की रोकथाम और दूसरे संबंधित मुद्दों के लिए दाखिल जनहित याचिका पर कई ऐतिहासिक फैसले और आदेश दिए गए थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका में अलग-अलग मुद्दों पर कई अर्जियां दाखिल की गई थी और कोर्ट ने समय-समय पर उन पर निर्देश जारी किए थे। पीठ ने यह भी कह...