चित्रकूट, अप्रैल 18 -- चित्रकूट/सीतापुर, संवाददाता। भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट में प्रदूषण और अतिक्रमण की शिकार पतित पावनी मंदाकिनी, पयस्विनी और सरयू नदी के अस्तित्व को लेकर एनजीटी ने सख्त रुख दिखाया है। एमपी हाईकोर्ट के अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा के दायर निष्पादन आवेदन पर एनजीटी ने सतना कलेक्टर से बिंदुवार तीन सप्ताह में जवाब तलब किया है। इसके साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित न होने एवं नगर निकाय व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रभारी कार्रवाई न किए जाने पर एनजीटी ने नाराजगी जाहिर की है। अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की केंद्रीय क्षेत्र बेंच भोपाल में निष्पादन आवेदन दाखिल किया था। यह भी पढ़ें- नैमिषारण्य धाम का 100 करोड़ से कायाकल्प होगा; रम्पा महल बनेगा सीतापुर की पहचान, घाट निर्माण पर भी मुह...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.