लखनऊ, सितम्बर 18 -- यूपी में स्टार्टअप इकोसिस्मट को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने इंक्यूबेटरों को मिलने वाली आर्थिक मदद अब उनके प्रदर्शन से जोड़ दी है। प्रोत्साहन राशि, पूंजीगत अनुदान तथा परिचालन खर्च के लिए नियम शर्तें तय कर दी गई हैं। प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार की ओर से शुक्रवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किया।

मान्यता की शर्तें मान्यता प्राप्त इंक्यूबेटर को पहले एक वर्ष पूरे होने के बाद कम से कम 10 स्टार्टअप को इंक्यूबेट करना होगा। तय शर्तें और मानक पूरे नहीं करने वाले इंक्यूबेटरों के लिए अगले चरण में परिचालन अनुदान रोकने की भी व्यवस्था की गई है। नई व्यवस्था में इंक्यूबेटर को चलाने के लिए अधिकतम 40 लाख रुपये सालाना तक मदद मिलेगी। यह सहायता अधिकतम पांच साल या इंक्यूबेटर के आत्मनिर्भर होने तक, जो पहले होगी दी ...