नई दिल्ली, जुलाई 20 -- संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। जंतर मंतर से संसद भवन तक नाराज युवाओं ने जिस तरह से मार्च किया और पुलिस ने जिस तरह से इस पूरे प्रदर्शन को संभाला, इसकी चर्चा देश में स्वाभाविक ही है। सोमवार की सुबह एक वक्त ऐसा लगा था कि समाधान निकल आया है। सरकार की ओर से संवाद की पहल शुरू हुई थी और सोनम वांगचुक का नजरिया नरम पड़ा था। उन्होंने मूल रूप से तीन शर्तें रखीं, सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल में मिली विफलताओं व पेपरलीक की जिम्मेदारी ले। दूसरी, सांसद और सीजेपी के नेता संसद पहुंचें और सियासी दल इस मुद्दे को उठाने का आश्वासन दें। तीसरी, विभिन्न दलों के सांसद और नेता अस्पताल में उनसे मिलने आएं और उन्हें भी यही आश्वासन दें। ऐसा माना गया कि वांगचुक की शर्तों को सरकार मान...