नई दिल्ली, अगस्त 18 -- दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को यहां हुए चलो संसद चलो प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग का पुरजोर बचाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस आंदोलन में समाज-विरोधी तत्व और आपराधिक बैग्राउंड वाले लोग थे, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ गई और 240 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों वाली कई याचिकाओं पर नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा की ओर से दायर दिल्ली पुलिस के हलफनामे में कहा गया है कि पुलिस अपनी कार्रवाई के संबंध में अदालत द्वारा नियुक्त समिति से जांच करवाने के लिए तैयार है। हलफनामे में कहा गया है,पुलिस के बल प्रयोग के मामले की जांच कोर्ट द्वारा नियुक्त एक समिति कर सकती है और दिल्ली पुलिस ऐसी समिति का पूरा सहयोग करेगी और सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराएगी। पुलिस ने कहा, चूं...